कहते है हस्पताल पुलीस थाना और कोर्ट (न्यायालय) की सीढिया कभी नही चढनी चाहीए।। आम तौर पर हर एक इन्सान कोर्ट कचेरी के मामले में नही पडना चाहता पर कभी कभी हमारे जीवन मे न चाहते हुऐ भी ऐसी परिस्थीतीयॉ आती है की हममे मजबुरन कोर्ट की सिढीया चढनी पडती ही है ।
ऐसे में हममे जो कोई कहे वह उपाय करते है इसलिए कोर्ट कचेरी यंञ एक दुर्मिळ यंञ है जो कोर्ट कचेरी के कामों से हमे निजाद दिलाता है हमे अपनी बाजु सुरकक्षीत और सकारत्मक करने हेतु इस यंञ का विधिवकत पुजन और मंञ पठन करने से कोर्ट के सभी मामलो से छुटकारा पा सकते हो और साथ ही अपनी विजय निश्चित होती ही है।। ऐसा कई लोंगो का जीवीत उदारहण है।।