दोस्तो माना जाता है की, दरिद्रता जीवन का अभीशाप है इसके अभाव से मनुष्य चारों तरफ से संकटो से धीरा रहता है यहाँ तक की चेहरे की कांती भी नष्ट हो जाती है विचार नकारात्मक हो जाने के कारण धीरे धीरे शरीर में अनेक प्रकार की बीमारीयाँ व्याधी के ..प में प्रकट होती है हमारे रिश्तो पर इसका बहोत गहरा सबंध देखा गया है इसलीए धन की प्राप्ती करना प्रत्येक मनुष्य का धर्म जैसा बन गया है पर हा धन यानी अच्छी लक्ष्मी वैसी नही जो किसा का बुर करके किसी को धोका देके कमाया गया है धन की वर्षा करनेवाली एकमेव व देवी महालच्मी को समस्त देवीयों में श्रेष्ठ माना गया है हमे आर्थीक दुष्टी से अगर समुध्द होना है तो देवी महालक्ष्मी की आराधना करनी होगी ऐसा एक विशेष दुर्मीळ यंञ यानी आर्थिक स्थर्य ईस यंञ की पुजा मंञ पठन विशेष दोन और तीथी में करने से हमे आर्धीक लाभ तो होता ही है पर आर्थिक भी प्राप्त होती है क्योंकी लक्ष्मी अगर आऐ तो वह स्थायी भी रहनी चाहीए इस यंञ पर ासकक्षात महालक्ष्मी विराजमान है और हमे तन मन धन से समुध्दी करती है